विवाहित पुरुषों के लिए
हे पतियों, बुद्धिमानी से उनके साथ जीवन बिताओ और स्त्री को निर्बल पात्र जानकर उसका आदर करो, यह समझ कर, की हम दोनों जीवन के बरदान के वारिस हैं, जिससे तुम्हारी प्राथनाएं रोकी ना जाऐं । 1 पतरस 3:7 ।पतियों, अपनी-अपनी पत्नी से प्रेम रखो और उनसे कडुवे ना हो । कुलुसी 3: 19 ।
पत्नियों के लिए
हे पत्नियों, अपने-अपने पति के ऐसे अधीन रहो, जैसे प्रभु प्रभु के । इफिसी 5:22, कुलुसी 3: 18 । जैसे साराह इब्राहीम की आज्ञा में रहती और उसे स्वामी कहती थी । सो तुम भी यदि भलाई करो और किसी प्रकार के डरावे से न डरो तो उसकी बेटियां ठहारोगे ।1 पतरस 3:6 ।
माता-पिता के लिये
अभिभावकों अपने बच्चों को क्रोध ना दिलाओ, परन्तु प्रभु की शिक्षा और चेतावनी देते हुए उन का पालन - पोषण करो । इफिसी 6:4 ।
बालकों के लिये
हे बालकों प्रभु में अपने माता-पिता की आज्ञा मानो क्योंकि यह उचित है । अपने माता और पिता का आदर कर, यह पहली आज्ञा है, जिसके साथ प्रतिज्ञा भी है, की तेरा भला हो और तू धरती पर बहुत दिन जीता रहे । इफिसी 6:1-3 ।
हे पतियों, बुद्धिमानी से उनके साथ जीवन बिताओ और स्त्री को निर्बल पात्र जानकर उसका आदर करो, यह समझ कर, की हम दोनों जीवन के बरदान के वारिस हैं, जिससे तुम्हारी प्राथनाएं रोकी ना जाऐं । 1 पतरस 3:7 ।पतियों, अपनी-अपनी पत्नी से प्रेम रखो और उनसे कडुवे ना हो । कुलुसी 3: 19 ।
पत्नियों के लिए
हे पत्नियों, अपने-अपने पति के ऐसे अधीन रहो, जैसे प्रभु प्रभु के । इफिसी 5:22, कुलुसी 3: 18 । जैसे साराह इब्राहीम की आज्ञा में रहती और उसे स्वामी कहती थी । सो तुम भी यदि भलाई करो और किसी प्रकार के डरावे से न डरो तो उसकी बेटियां ठहारोगे ।1 पतरस 3:6 ।
माता-पिता के लिये
अभिभावकों अपने बच्चों को क्रोध ना दिलाओ, परन्तु प्रभु की शिक्षा और चेतावनी देते हुए उन का पालन - पोषण करो । इफिसी 6:4 ।
बालकों के लिये
हे बालकों प्रभु में अपने माता-पिता की आज्ञा मानो क्योंकि यह उचित है । अपने माता और पिता का आदर कर, यह पहली आज्ञा है, जिसके साथ प्रतिज्ञा भी है, की तेरा भला हो और तू धरती पर बहुत दिन जीता रहे । इफिसी 6:1-3 ।
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