Saturday, 10 February 2018

भाग -4

  खण्ड 9
 तीसरा शेष संग्रह 
 कर्तव्यों की सूचि 
 जिन में भिन्न - भिन्न प्रकार के पवित्र नियम और अवस्था के लोगों के लिए धर्म पुस्तक के मुख्य वचन हैं, जिनके द्वारा से अपने पद और काम के विषय में अगुवे / मार्गदर्शक शिक्षा पाते हैं ।

  मण्डली के रखवाले 
  पुरोहित और प्रचारकों के लिये  
चाहिए की अध्यक्ष निर्दोष और एक ही पत्नी का पति हो सचेत, संयमी, सुशील, पहुनाई करने वाला और सिखाने में निपुण हो । पियंक्कड़ या मारपीट करने वाला न हो वरन् कोमल हो , ना झगडालू, ना लोभी, अपने घर का अच्छा प्रबंध करता हो, और बच्चों को सारी गंभीरता से अधीन रखता हो । फिर नया शिष्य न हो और विश्वास योग्य वचन पर, जो धर्मोपदेश के अनुसार हैं,बना रहे, कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके और विवदियों का मुंह भी बन्द कर सके । 1 तिमो० 3:2 आदि तीतुस 1: 9 ।

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