Saturday, 10 February 2018

भाग -3

  खण्ड 8 
  दूसरा  शेष संग्रह 
  शाम और सुबह की प्राथना
      सुबह में बिछौने पर उठ कर यह कहो,
 परमेश्वर पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से अमीन । इसके बाद घुटने टेक कर अथवा खड़े होकर प्रेरितों का विश्वास दर्पण और प्रभु की प्रर्थना कहो, यदि बन पड़े तो यह संछिप्त प्राथना भी मिला दो ।
    हे मेरे स्वर्गवासी पिता, मैं तेरे पुत्र यीशु ख्रिस्त के द्वारा तेरा धन्यवाद करता/करती हूँ , कि तू ने इस रात में सब दुःख और जोखिम से मेरी रक्षा की है मैं बिन्ती करता/ करती हूँ , की तू आज के दिन भी मुझे संभल और सब पाप और आपद से मेरी रक्षा कर, जिससे मेरा सब काम और सम्पूर्ण जीवन भी तुझे प्रिय हो । क्योंकि मैं अपनी देह और प्राण और सब कुछ तेरे हाथ मैं सोंप देता/ देती हूँ । तेरा पवित्र दूत मेरे संग हो, जिससे शैतान मुझ पर किसी प्रकार का अधिकार करने ना पाए, आमीन ।

      इसके बाद हो सके तो कोई गीत गाओ, दस आज्ञा अथवा जो कुछ तुम्हारे ध्यान में आये सो कहो और आनंद से अपने काम पर जाओ ।

   रात को बिछौने पर पैर रखने के पहले यह कहो, परमेश्वर पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से अमिन ।
 और बाद में कहो-
 हे मेरे स्वर्गवासी पिता, मैं तेरे प्रिय पुत्र यीशु ख्रिस्त के द्वारा ,तेरा धन्यवाद करता/ करती हूँ , की तू ने आज के दिन अनुग्रह करके मेरी रक्षा की है । मैं तेरी बिन्ती करता/ करती हूँ की तू मेरे सब पापों को, जो मैंने किया है और जिनसे तुझे अप्रसत्र किया, सो क्षमा कर और इस रात में अनुग्रह से मेरी रक्षा कर ,क्योंकि मैं अपनी देह और प्राण और सब कुछ तेरे हाथ मैं सौंप देता/ देती हूँ , तेरे पवित्र दूत मेरे संग हों, जिससे शैतान मुझ में किसी प्रकार का अधिकार करने न पाए । आमीन ।

  भोजन के पहले प्रार्थना   
 हे प्रभु , सभी की ऑंखें तेरी और लगी रहती है । और तू समय पर उन्हें उनका भोजन देता है । तू अपनी मुठ्ठी खोलता है और हर एक जीवधारी को उनकी इच्छानुसार सन्तुष्ट करता है । इसके बाद प्रभु की प्रार्थना और निबेदन किया जाये,  हे प्रभु परमेश्वर स्वर्गवासी पिता , हमारे प्रभु यीशु ख्रिस्त के द्वारा हमको और इन् दानो को आशीष दे, जो हम तेरी उदारता से प्राप्त करते हैं, आमीन ।

  भोजन के बाद धन्यबाद 
 ऐसे ही भजन के बाद हाथ जोड़ कर दीनताई से कहा जाय ,
  परमेश्वर का धन्यबाद करो, क्योंकि वह भला है उसकी दया सदालों है । वह पशुओं और कौवे के बच्चों को जो चिल्लाते हैं, उनका आहार देता है, वह घोड़े के बाल, से आनंदित नहीं है । पुरुष की पिंडलियों से प्रसन्न नहीं, परन्तु परमेश्वर अपने डरवैयों और उनसे जो उनकी दया के आश्रित हैं, प्रसन्न रहता है ।

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